बजरंग बाण का पाठ, Bajrang baan lyrics in Hindi PDF

Bajrang baan lyrics in Hindi: If we believe in the existence of God in this world, then we also have fear of evil spirits. This fear sometimes haunts us so much that we start to fear even life. But it is said that there is a medicine for every pain, in the same way there is a medicine for your fear. Bajrang Baan

is the best way to drive away fear and fear. Amoghastra of Bajrang Baan is used uniquely for the fulfillment of material desires. It is said that reciting Bajrang Baan removes even the biggest problems.

बजरंग बाण

जैसा कि आप जानते है कि हनुमान जी की कृपा पाने हेतु सभी भक्तजन भिन्न -भिन्न प्रकार से बालाजी की पूजा करते है जिनमें नियमित रूप से हनुमान चालीसा और बजरंग बाण Bajrang Baan  का पाठ करना हनुमान जी को अति प्रिय है | हनुमान चालीसा और बजरंग बाण के पाठ हमेशा बोलकर करने चाहिए, जबकि मंत्र द्वारा आराधना में मंत्र को मन ही मन उच्चारण करना चाहिए | हनुमान जी के बजरंग बाण की महिमा अपार है | ऐसी मान्यता है कि जो भक्त नियमित रूप से बजरंग बाण का पाठ करते है उनके लिए यह अचूक बाण का कार्य करता है | किसी भी कार्य की सिद्धि के लिए बजरंग बाण Bajrang Baan का प्रयोग करने से कार्य अवश्य ही सिद्ध होता है |

bajrang baan

॥ दोहा ॥- bajrang baan

निश्चय प्रेम प्रतीति ते,बिनय करै सनमान।
तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥

॥ चौपाई ॥- bajrang baan path

जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥

जन के काज विलम्ब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥

जैसे कूदि सिन्धु वहि पारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥

आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुर लोका॥

जाय विभीषण को सुख दीन्हा। सीता निरखि परम पद लीन्हा॥

बाग उजारि सिन्धु महं बोरा। अति आतुर यम कातर तोरा॥

अक्षय कुमार मारि संहारा। लूम लपेटि लंक को जारा॥

लाह समान लंक जरि गई। जय जय धुनि सुर पुर महं भई॥

अब विलम्ब केहि कारण स्वामी। कृपा करहुं उर अन्तर्यामी॥

जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता। आतुर होइ दु:ख करहुं निपाता॥

जय गिरिधर जय जय सुख सागर। सुर समूह समरथ भटनागर॥

ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्त हठीले। बैरिहिं मारू बज्र की कीले॥

गदा बज्र लै बैरिहिं मारो। महाराज प्रभु दास उबारो॥

ॐकार हुंकार महाप्रभु धावो। बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो॥

ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमन्त कपीसा। ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा॥

सत्य होउ हरि शपथ पायके। रामदूत धरु मारु धाय के॥

जय जय जय हनुमन्त अगाधा। दु:ख पावत जन केहि अपराधा॥

पूजा जप तप नेम अचारा। नहिं जानत कछु दास तुम्हारा॥

वन उपवन मग गिरि गृह माहीं। तुमरे बल हम डरपत नाहीं॥

पाय परौं कर जोरि मनावों। यह अवसर अब केहि गोहरावों॥

जय अंजनि कुमार बलवन्ता। शंकर सुवन धीर हनुमन्ता॥

बदन कराल काल कुल घालक। राम सहाय सदा प्रतिपालक॥

भूत प्रेत पिशाच निशाचर। अग्नि बैताल काल मारीमर॥

इन्हें मारु तोहि शपथ राम की। राखु नाथ मरजाद नाम की॥

जनकसुता हरि दास कहावो। ताकी शपथ विलम्ब न लावो॥

जय जय जय धुनि होत अकाशा। सुमिरत होत दुसह दु:ख नाशा॥

चरण शरण करि जोरि मनावों। यहि अवसर अब केहि गोहरावों॥

उठु उठु चलु तोहिं राम दुहाई। पांय परौं कर जोरि मनाई॥

ॐ चं चं चं चं चपल चलन्ता। ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता॥

ॐ हं हं हांक देत कपि चञ्चल। ॐ सं सं सहम पराने खल दल॥

अपने जन को तुरत उबारो। सुमिरत होय आनन्द हमारो॥

यहि बजरंग बाण जेहि मारो। ताहि कहो फिर कौन उबारो॥

पाठ करै बजरंग बाण की। हनुमत रक्षा करै प्राण की॥

यह बजरंग बाण जो जापै। तेहि ते भूत प्रेत सब कांपे॥

धूप देय अरु जपै हमेशा। ताके तन नहिं रहे कलेशा॥

॥दोहा॥

प्रेम प्रतीतिहिं कपि भजै, सदा धरै उर ध्यान।

तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥

बजरंग बाण पाठ की विधि

बजरंग बाण का पाठ हमेशा मंगलवार से ही आरंभ करना चाहिए। बजरंग बाण पाठ करने के लिए मंगलवार के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। जिस स्थान पर भी आप हनुमान जी की पूजा करना चाहते हैं उस स्थान को अच्छे से साफ करें और भगवान बालाजी की मूर्ति स्थापित करें। जैसा कि हम सभी जानते हैं भगवान गणेश सभी देवों में प्रथम पूजनीय हैं। इसलिए सर्वप्रथम गणेश जी की आराधना करें और फिर बजरंग बाण का पाठ आरंभ करें जो की आप ऊपर देख सकते है । इसके बाद भगवान राम और माता सीता का ध्यान करें और हमुमान जी को प्रणाम करके बजरंग बाण के पाठ का संकल्प लें। हनुमान जी को फूल अर्पित करें और उनके समक्ष धूप, दीप जलाएं। कुश से बना आसन बिछाएं और उसपर बैठकर बजरंग बाण का पाठ आरंभ करें। बजरंग बाण पाठ पूर्ण होने के बाद भगवान श्री राम का स्मरण और कीर्तन करें। हनुमान जी को प्रसाद के रूप में चूरमा, लड्डू और अन्य मौसमी फल आदि अर्पित करें।

बजरंग बाण पाठ के लाभ

  • आप रोज़ाना बजरंग बाण का पाठ करेंगे तो आप सभी प्रकार के भय,क्रोध आदि से मुक्ति हो जाएंगे इसके साथ ही आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
  • यदि आप अपने किसी शत्रु से परेशान हैं तो बजरंग बाण का पाठ नियमित रुप से करें। इससे वो आपको हानि नहीं पहुंचा पाएगा।
  • अगर आपको व्यापार और कारोबार में वृद्धि चाहिए तो उस के लिए बजरंग बाण का पाठ अवश्य करें|
  • जिन के कार्य नहीं बनते या बने हुए कार्य बिगड़ जाते हैं, उन लोगों को भी रोज़ाना बजरंग बाण का पाठ अवश्य करना चाहिए|
  • यदि आप या आपको कोई मित्र ह्रदय रोग व ब्लड प्रेशर के रोग से ग्रसित हैं तो उन्हें भी रोज़ाना बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए। इसके करने से स्वास्थ्य में विशेष लाभ होता है।
  • विवाह में कोई अड़चन आ रही है, या आपका वैवाहिक जीवन सही नहीं चल रहा है तो बजरंग बाण का पाठ करें। पाठ करने से सारे दुख दूर हो जाते हैं और जीवन सुखद हो जाता है।

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